Cryptocurrency Bill: भारत में बैन हुई क्रिप्टोकरेंसी तो देश की आठ फीसदी आबादी को लगेगा झटका, सरकार ने तैयार किया मसौदा!

Written by November 24, 2021 16:16
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नई दिल्ली। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले भारतीयों के लिए बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल क्रिप्टो बिल की खबर सामने आते ही लोगों की चिंता काफी बढ़ गई है। ऐसे में सवाल अब यह उठ रहा है कि यदि भारत में क्रिप्टोकरेंसी को बैन कर दिया गया, तो उन लोगों का क्या होगा, जिन्होंने भारी मात्रा में क्रिप्टों में निवेश किया है। सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार देश की लगभग आठ फीसदी आबादी ने अलग-अलग तरह की कई डिजिटल मुद्राओं में निवेश किया हुआ है।

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दांव पर हजारों करोड़ रुपये

रिपोर्ट की माने तो भारत में 8 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्होंन क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया हुआ है। निवेशकों ने करीब 70 हजार करोड़ रुपये वर्तमान में दुनियाभर में प्रचलित कई तरह की डिजिटल करेंसी में लगाए हुए है। इस तरह से यदि सरकार भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाती है तो यह दांव 70 हजार करोड़ रुपये लगा चुके भारतीय निवेशकों के लिए तगड़ा झटका साबित हो सकता है। बता दें कि साल 2009 में लॉन्च किए जाने के बाद साल 2013 तक सिर्फ बिटकॉइन ही एकमात्र डिजिटल करेंसी चलन में थी। धीरे-धीरे इस करेंसी का चलन बढ़ा और आज सात हजार से भी ज्यादा अलग-अलग तरह की करेंसी मार्केट में हैं। लेकिन दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल मुद्रा अभी भी बिटक्वाइन ही बनी हुई है और इसके बाद इथेरियम का दूसरे नंबर पर है।

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क्रिप्टाकरेंसी बिल का तैयार

कहा जा रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल पेश करने वाली है। जिसके लिए मसौदा भी तैयार कर लिया गया है। खबर यह भी सामने आ रही है कि सरकार जल्द ही क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारियों में लगी हुई है। केंद्र सरकार इस शीतकालीन सत्र में 26 नए बिल को पेश करने वाली है। जिसमें तीन अध्यादेश भी शामिल होंगे। शीतकालीन सत्र के लिए जारी लेजिस्लेटिव एजेंडा से यह जानकारी दी गई है। जिसमें सबसे ज्यादा नजरें क्रिप्टोकरेंसी बिल पर ही टिकी हुई हैं।

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बैन लगने पर होगा यह असर

कहा जा रहा है कि यदि सरकार क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बिल ‘द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021’ के तहत भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला करती है तो बिटक्वाइन समेत दूसरी सभी डिजिटल मुद्राओं निवेश करने वालों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

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